किसी महिला की इज्जत को छूने की कोशिश से बड़ा कोई अपमान नहीं, गुजरात हाईकोर्ट ने 12 साल की लड़की की अबॉर्शन याचिका स्वीकार की; पिता पर रेप का आरोप
गुजरात हाईकोर्ट ने 12 साल की एक लड़की की लगभग 27 सप्ताह की गर्भावस्था को समाप्त करने की याचिका स्वीकार कर ली। लड़की का बलात्कार करने का आरोप उसके उसके पिता के ऊपर है । कोर्ट ने फैसले में कहा, किसी महिला की इज्जत को छूने की कोशिश करने से बड़ा कोई अपमान नहीं है। जस्टिस समीर जे दवे की पीठ ने मामले को दुखद और आश्चर्यजनक माना। उन्होंने फैसले में 'दुर्गा सप्तशती' का उल्लेख करते हुए कहा, "स्त्रिया: समस्ता: सकला जगत्सु [जगत की समस्त स्त्रियां तुम्हारा ही स्वरूप हैं] अर्थात हे देवी जगदम्बे, जगत में जितनी भी स्त्रियां हैं, वह सब तुम्हारी ही मूर्तियां हैं । इसलिए अगर स्त्री चाहे तो वह सब कर सकती हैं जो वह करना चाहती हैं, यह ताकत सिर्फ उसी मे हैं, जो बड़े बड़े संकटों का नाश कर, श्रेष्ठ से श्रेष्ठ और कठिनतम कार्य भी पूर्ण कर सकती हैं । जरुरत हैं तो सर्वशक्तिमान नारी को स्वयं को पहचानने को...।" उसी दिन, अदालत ने वडोदरा स्थित अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी और चिकित्सा अधीक्षक को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट के तहत पीड़िता की जांच करने और अदालत के समक्ष एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने क...