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Showing posts from June, 2020

बांस: बांस से जुड़े रोचक तथ्य और जानकारी

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बांस एक प्रकार के फूल पौधे होते है जो पौएसी (घास) के परिवार से संबंधित है।  बांस एक प्रकार की घास है जो बेहद कम मेहनत से किसी भी खराब या बंजर भूमि पर उगाया जा सकता है। इसका वनस्पतिक नाम बैम्बूसोईडी है और दुनियाभर में इसकी 1250 प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें से बांस की 125 प्रजातियां भारत में हैं। बांस का कोंपल हल्का पीले रंग का होता है और इसकी महक बेहद तेज होती है।  एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तर और दक्षिण अमेरिका और उप-सहारा अफ्रीका में पाए जाने वाले लगभग 1500 बांस की प्रजातियां हैं।  क्या आप जानते हैं? बांस विभिन्न ऊंचाई पर और विभिन्न जलवायु परिस्थितियों में भी उग सकता है,  लेकिन यह उष्णकटिबंधीय जलवायु को पसंद करता है। बांस, इस ग्रह पर सबसे ज्यादा शोषित पौधों में से एक है  क्योंकि इसकी खेती के लिए बहुत अधिक प्रयास की आवश्यकता नहीं होती है। रखरखाव की कम लागत के अलावा, बांस के कई उपयोग हैं, जैसे: बांस विभिन्न वुडी वस्तुओं के उत्पादन के लिए या कई स्वादिष्ट भोजन के एक घटक के रूप में, भवन निर्माण उद्योग में और दवा में इस्तेमाल किया जा सकता है। - ...

जानिए, परवल खाने के 6 बेजोड़ फायदे

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जानिए, परवल खाने के 6 बेजोड़ फायदे परवल में विटामिन ए, विटामिन बी1, विटामिन बी2 और विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा ये कैल्शि‍यम का भी अच्छा स्त्रोत है. परवल की अंग्रेजी- Pointed gourd परवल/वैज्ञानिक नाम- Trichosanthes dioica ________________________________________ गर्मी के मौसम में सब्ज‍ियों के विकल्प कम हो जाते हैं लेकिन कुछ सब्ज‍ियां ऐसी हैं जो इस मौसम में आसानी से मिल जाती हैं. परवल गर्मियों का एक बेहतरीन विकल्प है. परवल की सबसे बड़ी खूबी ये है कि ये लंबे समय तक ताजा रहता है. परवल में विटामिन ए , विटामिन बी1 , विटामिन बी2 और विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा ये कैल्शि‍यम का भी अच्छा स्त्रोत है. इसके छिलकों में मैग्नीशियम , पोटैशियम , फॉस्फोरस भी भरपूर मात्रा में होता है. परवल खाने के फायदे: - परवल त्वचा से जुड़ी समस्याओं में खासतौर पर फायदेमंद होता है. परवल में मौजूद बीज कब्ज और पाचन से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद होते हैं. डायबिटीज के मरीजों को खासतौर पर परवल खाने की सलाह दी जाती है. - परवल में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट बढ़ती उम्र...

...तो इसलिए सूरज की तरफ आकर्षित होता है सूरजमुखी

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...तो इसलिए सूरज की तरफ आकर्षित होता है सूरजमुखी "सूरजमुखी के पौधे में ऑक्सिन नाम का एक हार्मोन पाया जाता है, जो सूरज की किरणों के प्रति संवेदनशील होता है। यह पौधे में तने के छायावाले हिस्से में जमा होता है। फूल से छाया बनती है और छाया में ही यह बढ़ता है। इस वजह से इसका तना सहज रूप से छाया की ओर घूमता है। इसके कारण फूल का मुंह सूरज की ओर हो जाता है। सूरजमुखी खुद को जो सूर्य की दिशा में घुमा लेता है इसको हीलियोट्रोपिज्म कहते हैं। इसके तने में होने वाली चयनात्मक वृद्धि के कारण ही सूरजमुखी का फूल सूर्य की दिशा में देखता है।  वैज्ञानिकों ने सूर्य के प्रति सूरजमुखी के आकर्षण का कारण पता लगा लिया है। असल में यह पहेली इसके विकास से जुड़ी है, जिसे अब समझा जा सका है। किसी फैन की तरह सूरजमुखी का पौधा सुबह की पहली किरण से सूरज को तकता रहता है। जैसे-जैसे सूरज पूरब से पश्चिम की तरफ जाता है, सूरजमुखी के पौधे का भी मुंह वैसे-वैसे घूमता जाता है और रात को फिर वापस अपनी जगह आकर सुबह होने का इंतजार करता है, लेकिन जैसे ही सूरजमुखी का पौधा पूर्णविकसित होता है वह पूर्व दिशा की तरफ रुक जात...

सूरजमुखी के बारे में रोचक तथ्य

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सूरजमुखी के बारे में रोचक तथ्य  (Interesting facts about sunflower) ➤ हेलियनथस शब्द ग्रीक शब्द हेलियो (सूर्य) और एन्थोस (फूल) से लिया गया है। ➤सूरजमुखी का वानस्पतिक नाम हेलियनथस एनस है 🌻 सूर्यमुखी अमेरिका का मूल पौधा मन जाता है। ➤सूरजमुखी अपने नाम के फूल के साथ एकमात्र फूल है एनस शब्द का सीधा सा मतलब है कि सूरजमुखी वार्षिक या फूल होते हैं जो केवल एक ही बढ़ते मौसम के लिए रहते हैं। ➤ हेलियनथस ” फूल के लिए सूरजमुखी, सूर्य के लिए हेलिया और एंथस का वैज्ञानिक नाम है। ➤सूरजमुखी विश्वास, निष्ठा और आराधना का प्रतीक है। ➤वे पूर्व से पश्चिम तक आकाश में सूर्य की गति का अनुसरण करते हैं, और इस प्रक्रिया को हेलियोट्रोपिज्म के रूप में जाना जाता है। ➤सूरजमुखी का तेल चमड़े हालत के बालों, घावों को नरम करने में सक्षम था और खाना पकाने के तेल, दवा पेंट, पशु चारा और जैव-डीजल के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता था। ➤सूरजमुखी का तेल कैल्शियम और आयरन जैसे खनिजों से भरपूर होता है और इसमें विटामिन ए और विटामिन डी होता है। ➤सूरजमुखी यूक्रेन का राष्ट्रीय फूल ह...

COLOURS AND IT'S PIGMENT

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🎨 COLOURS AND IT'S PIGMENT 🎨 🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼 🍅टमाटर मे लाल रंग - लाइकोपिन​ 🍐आँवले मे कसैलापन - टैनिन​ 🥜बादाम मे कडुवाहट - एमाइलेडिन​ 🥑पपीता मे पीला रँग - केरिक्जेन्थिन​ 🌶️मिर्च मे चरपराहाट - केप्सेसिन​ 🥒खीरे मे कडुवाहट - कुकुर बिटेसिन​ 🍈करेले मे कडुवाहट - मेमोर्डिकोसाइट 🍄प्याज मे लाल रंग - एन्थोसाइनिन​ 🍋प्याज मे पीला रंग - क्वेरसिटीन​ 🥕गाजर मे नारँगी रंग - कैरोटिन​ 🍐बेल मे कडुवाहट - मार्मोलोत्सिन​ 🥚पीपर मे कडुवाहट - ओलिमोरेसिन​ 🥕मूली मे  - आइसोसाइनेट​ 🍏शलजम मे चरपराहट - कैल्शियम आँक्सले 🍅पीपर मे गंध - ओलियोरेसिन​ 🥔आलू मे हरा रंग - सोलेनिन​ 🌶️मिर्च मे लाल रंग - कैप्सेनथिन​ 🥕गाजर मे लाल रंग - एन्थोसायनिन​ 🌽 तिलहनों के तेल मे पीला रंग - कैराटिनाइज्ड

interesting fact... 2

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📒 महत्वपूर्ण जानकारी 📒 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 • मनुष्य का वैज्ञानिक नाम क्या है?- होमो सैपियंस • मेढक का वैज्ञानिक नाम क्या है?- राना टिग्रिना • बिल्ली का वैज्ञानिक नाम क्या है?- फेलिस डोमेस्टिका • चूहा का वैज्ञानिक नाम क्या है?- Rattus छिपकली का वैज्ञानिक नाम क्या है?- Lacertilia • कुत्ता का वैज्ञानिक नाम क्या है?- कैनिस फैमिलियर्स • गाय का वैज्ञानिक नाम क्या है?- बॉस इंडिकस • भैँस का वैज्ञानिक नाम क्या है?- बुबालस बुबालिस • बैल का वैज्ञानिक नाम क्या है?- बॉस प्रिमिजिनियस टारस • बकरी का वैज्ञानिक नाम क्या है?- केप्टा हिटमस • भेँड़ का वैज्ञानिक नाम क्या है?- ओवीज अराइज • सुअर का वैज्ञानिक नाम क्या है?- सुसस्फ्रोका डोमेस्टिका • शेर का वैज्ञानिक नाम क्या है?- पैँथरा लियो • बाघ का वैज्ञानिक नाम क्या है?- पैँथरा टाइग्रिस • चीता का वैज्ञानिक नाम क्या है?- पैँथरा पार्डुस • भालू का वैज्ञानिक नाम क्या है?- उर्सुस मैटिटिमस कार्नीवेरा • खरगोश का वैज्ञानिक नाम क्या है?- ऑरिक्टोलेगस कुनिकुलस • हिरण का वैज्ञानिक नाम क्या है?- सर्वस एलाफस • ऊँट का वैज्ञानिक नाम क्या है?- कैमेलस डोमेडेरियस • लोमड...

मानव परिसंचारण तंत्र / वाहिका तंत्र : संरचना, कार्य और तथ्य

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मनुष्यों और अन्य पशुओं का परिसंचारण तंत्र अंगों का वह तंत्र होता है जो शरीर के भीतर सामग्रियों के परिवहन का जिम्मेदार होता है| इसमें हृदय, धमनियां, नसें, केशिकाएं और रक्त होते हैं | हृदय रक्त को बाहर की तरफ धक्का देने वाले पंप के रूप में काम करता है| धमनियां, नसें और केशिकाएं नली या ट्यूब की तरह काम करती हैं जिनसे होकर रक्त प्रवाहित होता है| मनुष्य के शरीर में तीन प्रकार की रक्त वाहिकाएं होती हैं– धमनियां, नसें और केशिकाएं | अब हम परिसंचारण प्रणाली के सभी अंगों को विस्तार से समझेंगे | हृदय रक्त को बाहर की तरफ धक्का देने वाले पंप के रूप में काम करता है| धमनियां, नसें और केशिकाएं नली या ट्यूब की तरह काम करती हैं जिनसे होकर रक्त प्रवाहित होता है| रक्त धारण करने वाली नलिकाओं को रक्त वाहिकाएं (blood vessels) कहा जाता है | इसलिए, मनुष्य के शरीर में तीन प्रकार की रक्त वाहिकाएं होती हैं– धमनियां, नसें और केशिकाएं | अब हम परिसंचारण प्रणाली के सभी अंगों को विस्तार से समझेंगे | मोटे तौर पर हृदय का आकार तिकोना होता है और यह विशेष प्रकार की मांसपेशियों जिन्हें हृदय की मा...

रक्त : संरचना और कार्य

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रक्त लाल रंग का तरल पदार्थ होता है जो हमारे शरीर में संचारित होता है | यह लाल रंग का इसलिए होता है क्योंकि इसकी लाल कोशिकाओं में हीमोग्लोबिन नाम का लाल रंग पाया जाता है| इस आर्टिकल में रक्त, उसकी संरचना और कार्य के बारें मे अध्धयन करेंगे | रक्त लाल रंग का तरल पदार्थ होता है जो हमारे शरीर में संचारित होता है | यह लाल रंग का इसलिए होता है क्योंकि इसकी लाल कोशिकाओं में हीमोग्लोबिन नाम का लाल रंग पाया जाता है| रक्त संयोजी ऊतक (connective tissue) होते हैं, इसमें चार चीजें पाईं जाती हैं – प्लाज्मा, लाल रक्त कण ( लाल रक्त कोशिया या आरबीसी), श्वेत रक्त कण ( सफेद रक्त कोशिकाएं या डब्ल्यूबीसी) और प्लेटलेट्स (बिम्बाणु) प्लाजमा तरल द्रव्य होता है | इसे फ्लूड मैट्रिक (Fluid matrix) भी कहते हैं | इसमें तीन प्रकार की कोशिकाएं होती हैं जो उसमें तैरती रहती हैं। ये कोशिकाएं हैं – लाल रक्त कोशिकाएं, श्वेत रक्त कोशिकाएं और प्लेटलेट्स (बिम्बाणु) है | रक्त के कार्य मनुष्य के शरीर में रक्त का तीन मुख्य काम होता है यानि शरीर के एक अंग से दूसरे अंग में पदार्थों का परिवहन जैसे श्वसन गैस, अपशिष्ट पदा...

प्लाज्मा थेरेपी क्या है, यह कैसे काम करती है और क्या यह COVID-19 के उपचार में सहायक हो सकती है?

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COVID-19 के लिए अभी तक कोई सटीक इलाज नहीं खोजा गया है. लेकिन वायरस के प्रसार को निष्क्रिय करने वाली वैक्सीन, प्रमुख एंटीजन्स के एंटीबॉडीज, मोनोक्लोनल और आरएनए आधारित वैक्सीनों के विकास में भी प्रगति दर्ज की गई है. कुछ स्थानों पर कंवलसेंट प्लाज्मा थेरेपी या प्लाज्मा थेरेपी भी शुरू कर दी गई है. फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA ) के अनुसार, पहले से ही कई प्रकोपों जैसे कि SARS-CoV , H1N1 , और MERS-CoV में रोगियों पर प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल किया जा चुका है. जैसा कि COVID-19, SARS-CoV के समान है, हो सकता है कि प्लाज्मा थेरेपी प्रभावी और सुरक्षित साबित हो. साथ ही FDA ने ये भी कहा कि प्लाज्मा थेरेपी को सही इलाज के रूप में साबित करने के लिए अधिक नैदानिक परीक्षणों की आवश्यकता है. आइये अब कंवलसेंट प्लाज्मा थेरेपी (CPT) या प्लाज्मा थेरेपी के बारे में जानते हैं? जब रोगजनक हमारे शरीर पर हमला करते हैं, तो हमारा इम्यून सिस्टम काम करना शुरू कर देता है और संक्रमण से लड़ने के लिए प्रोटीन निकालता है. इन प्रोटीनों को एंटीबॉडी के रूप में जाना जाता है. यदि संक्रमित व्यक्ति प...

COVID-19: साबुन या सैनिटाइजर, क्या है बेहतर?

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COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए, WHO ने कई एहतियाती उपाय बताए हैं,  जिनमें हाथों को बार-बार साफ करने के लिए कहा गया है. साबुन और पानी का उपयोग करें, या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइज़र का. अब सवाल उठता है कि साबुन या सैनिटाइजर में क्या बेहतर है? आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं. बार-बार हाथ धोना क्यों ज़रूरी है? सबसे सरल तरीकों में से एक साबुन से हाथ धोना है जो वायरस को मारने में मदद करता है जिसके साथ आप संपर्क में आ सकते हैं. ऐसा कहा जाता है कि विभिन्न सतहों पर जो नियमित रूप से हम हाथों से स्पर्श करते हैं उनमें वायरस काफी लंबे समय तक रह सकते हैं. इसलिए बार-बार हाथ धोना महत्वपूर्ण है. सबसे पहले, हम जानेंगे कि साबुन से हाथ धोने से कोरोना वायरस से छुटकारा कैसे मिलता है? हैंड ग्रिम (Hands grim) में कई वायरस और बैक्टीरिया होते हैं. साबुन से हाथ धोने से वायरस और बैक्टीरिया को पूरी तरह से हटाने में मदद मिलती है. पल्ली थोरार्डसन (Palli Thordarson), न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय में रसायन विज्ञान के स्कूल में एक प्रोफेसर आणविक रसायन विज्ञान के नियम के बारे में बताते हैं जो...

रक्त लाल होता है पर नसें नीली क्यों दिखाई देती हैं?

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रक्त हमारे शरीर के हर भाग में ऑक्सीजन पहुंचाता है और रोगों से सुरक्षा भी दिलाता है. तकनीकी रूप से, रक्त शरीर के सभी भागों में हृदय द्वारा पंप किया जाने वाला एक परिवहन तरल है, जिसके बाद प्रक्रिया को दोहराने के लिए इसे हृदय में लौटाया जाता है. रक्त एक ऊतक और एक तरल पदार्थ दोनों है. खून में दो भाग होते हैं तरल और ठोस. द्रव भाग प्लाज्मा और ठोस भाग में सफेद रक्त कण, लाल रक्त कण और प्लेटलेट्स होते हैं. खून लाल रंग का इसलिए दिखाई देता है क्योंकि उसमें हिमोग्लोबिन नामक रंजक पाया जाता है जो कि लौह और प्रोटीन से मिलकर बना होता है. रक्त लाल होता है, यहां तक कि जब यह ऑक्सीजन रहित होता है तब भी. पर नसें नीली क्यों दिखती हैं? वास्तव में वे नीली नहीं होती हैं लेकिन रक्त वाहिकाएं या नसों का नीली दिखने के पीछे क्या कारण है? ऐसा ऑप्टिकल इल्यूजन (optical illusion) के कारण होता है. लाल लाइट की अपेक्षा नीली लाइट ऊतक में उतना प्रवेश नहीं कर पाती है. यदि रक्त वाहिका पर्याप्त रूप से गहरी है, तो आपकी आँखें लाल परावर्तित रक्त के आंशिक अवशोषण के कारण लाल परावर्तित प्रका...

मधुमेह के रोगी को पैरो में दर्द को कम करने के लिए क्या करना चाहिए ?

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मधुमेह वाले लोगों में पैर की समस्याएं आम हैं। आपको डर लग सकता है कि आप मधुमेह से पैर की अंगुली, पैर या पंजा खो देंगे, या किसी ऐसे व्यक्ति को जानेंगे, लेकिन आप हर दिन अपने पैरों की देखभाल करके मधुमेह से संबंधित पैर की समस्याओं को कम कर कर सकते हैं। आपके रक्त ग्लूकोज के स्तर को प्रबंधित करना, जिसे रक्त शर्करा भी कहा जाता है, आपके पैरों को स्वस्थ रखने में भी मदद कर सकता है। मधुमेह आपके पैरों को कैसे प्रभावित कर सकता है ? (How can diabetes affect your feet?) समय के साथ, मधुमेह तंत्रिका क्षति nerve damage का कारण बन सकता है, जिसे मधुमेह न्यूरोपैथी diabetic neuropathy भी कहा जाता है, जो झुकाव और दर्द का कारण बन सकता है, और आप अपने पैरों में महसूस कर सकते हैं। अमेरिका के स्वास्थ्य विभाग से संबद्ध नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डायजेस्टिव एंड किडनी डिसीज़ (NIDDK )की वेब साइट पर उपलब्ध एक दस्तावेज के मुताबिक मधुमेह यदि अनियंत्रित रहे तो शरीर के कई अंग पर प्रभाव डालता है, लेकिन मधुमेह की सबसे महत्वपूर्ण और विनाशकारी जटिलताओं में Diabetic foot है। इस स्थिति को Diabetic...

शैवाल ( Algae )

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शैवाल(Algae)-  1 .शैवाल पर्णहरित युक्त पौधे हैं,  2 . इनमें वास्तविक जड़ें तना तथा पत्तियाँ आदि नहीं होती, अतः इन्हें थैलोफाइटा (Ophthalmology) वर्ग के अन्तर्गत रखा गया है।  3 .इनमें लिंगी प्रजनन के बाद भ्रूण नहीं बनता।   4 .शैवाल समान्यतः नम स्थानों पर पाये जाते हैं, कुछ शैवाल पानी की सतह पर तैरते रहते हैं। जैसे डाइएटम्स, वालवाक्स, स्पायरोगायरा आदि।  5 .कुछ शैवाल दूसरे पौधों पर उगते हैं जैसे ऊडोगोनियम तथा कुछ शैवाल जन्तुओं के शरीर पर पाये जाते हैं जैसे घोंघे के ऊपर पाया जाने वाला शैवाल क्लैडोफोरा, कछुओं की पीठ पर प्रोटोडर्मा। जूक्लोरेला नामक शैवाल ’ हाइड्रा ’ नामक जन्तु के अन्दर पाया जाता है। शैवालों को लगभग 7 संघों मेे विभाजित किया गया है-... .. 1 . सायनोफाइटा ( cyanophyta ) - नीले - हरे - जैसे नास्टॉक ( Nostoc )  2 . यूग्लीनोफाइटा ( euglenophyta ) - जैसे - यूग्लीना ( Englena )  3 . क्लोरोफाइटा ( chlorophyta ) - हरे - जैसे - वॉलवॉक्स ( Volvox )  4 . क्राइसोफाइटा...